विशाखा नक्षत्र का स्वामी कौन है? देवता और विशेषताएँ
विशाखा
विशाखा नक्षत्र क्या है और उसकी विशेषताएँ क्या हैं?
विशाखा नक्षत्र का स्वामी गुरु है और देवता इंद्र और अग्नि। यह सत्ताईस नक्षत्रों में 16वाँ है, जो तुला 20°00′–वृश्चिक 3°20′ तक फैला है। एकमात्र नक्षत्र जिसके दो देवता हैं — इंद्र और अग्नि। जन्म के समय चंद्रमा इस नक्षत्र में हो तो विंशोत्तरी दशा क्रम गुरु से आरंभ होता है।
दो देवता, एक नक्षत्र
विशाखा उन गिने-चुने नक्षत्रों में है जिनका देवत्व एक नहीं, दो देवताओं में है — इंद्र और अग्नि, दोनों साथ। इंद्र को नेतृत्व और विजय से जोड़ा जाता है, अग्नि को शुद्धि और तीव्रता से।
प्रतीक विजय द्वार है — वह जो किसी लक्ष्य तक पहुँचने पर पार किया जाता है। इसीलिए शास्त्र में विशाखा को लक्ष्य-केंद्रित प्रयास से जोड़ा गया है, और उसका दूसरा नाम राधा भी बताया गया है।
विशाखा नक्षत्र के नाम अक्षर
विशाखा नक्षत्र के चार पाद हैं और हर पाद का अपना नाम अक्षर है: पहला पाद (तुला) — ती; दूसरा पाद (तुला) — तू; तीसरा पाद (तुला) — ते; चौथा पाद (वृश्चिक) — तो। परंपरा में बच्चे का नाम उसी अक्षर से शुरू किया जाता है जिस पाद में जन्म के समय चंद्रमा था।
इसलिए केवल "विशाखा नक्षत्र" जान लेना काफ़ी नहीं — चारों अक्षर (ती, तू, ते, तो) में से सही एक, पाद से ही तय होता है, और पाद हर 3°20′ पर बदल जाता है। ये अक्षर दृक पंचांग की नक्षत्र-पाद स्वर तालिका से लिए गए हैं।
तुला और वृश्चिक के बीच
विशाखा के पहले तीन पाद तुला में और चौथा वृश्चिक में पड़ता है। तुला शुक्र की राशि है और वृश्चिक मंगल की — दो बहुत अलग स्वभाव, और यह नक्षत्र दोनों को छूता है।
इसका स्वामी गुरु है, जो न तुला का स्वामी है न वृश्चिक का। यह उन उदाहरणों में से है जो सबसे स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि नक्षत्र का दशा स्वामी राशि से स्वतंत्र होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- विशाखा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
- गुरु — जो न तुला का स्वामी है न वृश्चिक का। यह दिखाता है कि नक्षत्र का विंशोत्तरी स्वामी राशि से स्वतंत्र होता है।
- विशाखा नक्षत्र के नाम अक्षर क्या हैं?
- पहला पाद (तुला) — ती; दूसरा पाद (तुला) — तू; तीसरा पाद (तुला) — ते; चौथा पाद (वृश्चिक) — तो। नाम उस पाद के अक्षर से रखा जाता है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था।
- विशाखा नक्षत्र के देवता कौन हैं?
- इंद्र और अग्नि, दोनों साथ। यह उन गिने-चुने नक्षत्रों में है जिनका देवत्व एक से अधिक देवताओं में है।
- विशाखा नक्षत्र किस राशि में आता है?
- विशाखा नक्षत्र तुला 20°00′–वृश्चिक 3°20′ तक फैला है।
- विशाखा किन राशियों में आता है?
- पहले तीन पाद तुला में और चौथा पाद वृश्चिक में।
