बारह भाव — जन्म कुंडली के बारह घर
द्वादश भाव
जन्म कुंडली में बारह भाव कौन-से हैं?
बारह भाव लग्न से गिने गए कुंडली के विभाजन हैं, हर एक जीवन के एक तय क्षेत्र को दर्शाता है — स्वयं के प्रथम भाव से लेकर हानि व मुक्ति के द्वादश भाव तक। भावों को केंद्र (1, 4, 7, 10), त्रिकोण (1, 5, 9), दुस्थान (6, 8, 12) और उपचय (3, 6, 10, 11) में वर्गीकृत किया जाता है, और यही वर्गीकरण तय करता है कि वहाँ बैठा ग्रह कैसे पढ़ा जाए।
भाव पूरी तरह लग्न पर निर्भर करते हैं, जो लगभग हर दो घंटे में राशि बदलता है। यही कारण है कि भाव-आधारित विश्लेषण को सटीक जन्म समय चाहिए, और अनिश्चित समय पर बना विश्लेषण इसके बजाय चंद्र कुंडली से काम चलाता है और यह बात स्पष्ट रूप से बताता है।
VedikPatrika राशि कुंडली के लिए पूर्ण राशि (whole-sign) भाव पद्धति प्रयोग करती है, जो पराशरी मानक है, और संदर्भ के लिए साथ में भाव चलित की भी गणना करती है।
