हस्त नक्षत्र का स्वामी कौन है? देवता और विशेषताएँ
हस्त
हस्त नक्षत्र क्या है और उसकी विशेषताएँ क्या हैं?
हस्त नक्षत्र का स्वामी चंद्र है और देवता सवितृ। यह सत्ताईस नक्षत्रों में 13वाँ है, जो कन्या 10°00′–23°20′ तक फैला है। जिसका प्रतीक खुला हाथ है — कौशल और शिल्प का नक्षत्र। जन्म के समय चंद्रमा इस नक्षत्र में हो तो विंशोत्तरी दशा क्रम चंद्र से आरंभ होता है।
हाथ का प्रतीक और कौशल
हस्त का अर्थ ही हाथ है और उसका प्रतीक खुला हाथ। शास्त्र इसे कौशल, हस्तशिल्प और उस क्षमता से जोड़ते हैं जो विचार को वस्तु में बदल दे। देवता सवितृ हैं, सूर्य का वह रूप जो प्रेरित करता है।
यह कन्या राशि में पड़ता है, जहाँ बुध उच्च होता है, और कन्या का शास्त्रीय स्वभाव भी परिष्कार और सटीकता है। नक्षत्र और राशि दोनों एक ही दिशा में संकेत करते हैं।
हस्त नक्षत्र के नाम अक्षर
हस्त नक्षत्र के चार पाद हैं और हर पाद का अपना नाम अक्षर है: पहला पाद (कन्या) — पू; दूसरा पाद (कन्या) — ष; तीसरा पाद (कन्या) — ण; चौथा पाद (कन्या) — ठ। परंपरा में बच्चे का नाम उसी अक्षर से शुरू किया जाता है जिस पाद में जन्म के समय चंद्रमा था।
इसलिए केवल "हस्त नक्षत्र" जान लेना काफ़ी नहीं — चारों अक्षर (पू, ष, ण, ठ) में से सही एक, पाद से ही तय होता है, और पाद हर 3°20′ पर बदल जाता है। ये अक्षर दृक पंचांग की नक्षत्र-पाद स्वर तालिका से लिए गए हैं।
चंद्रमा का स्वामित्व और मुहूर्त में उपयोग
हस्त का विंशोत्तरी स्वामी चंद्रमा है। मन का कारक और हाथ का प्रतीक — शास्त्रीय टीकाओं में इसे विचार और क्रिया के बीच की सीधी कड़ी के रूप में पढ़ा गया है।
मुहूर्त में हस्त को नए कार्य आरंभ करने, विशेषकर शिल्प और व्यापार से जुड़े कार्यों के लिए उपयुक्त माना गया है। पंचांग में इसकी स्थिति देखकर ही ऐसे मुहूर्त निकाले जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हस्त नक्षत्र का स्वामी कौन है?
- चंद्रमा। इसमें चंद्रमा हो तो जीवन चंद्रमा की दस वर्ष की महादशा से आरंभ होता है।
- हस्त नक्षत्र के नाम अक्षर क्या हैं?
- पहला पाद (कन्या) — पू; दूसरा पाद (कन्या) — ष; तीसरा पाद (कन्या) — ण; चौथा पाद (कन्या) — ठ। नाम उस पाद के अक्षर से रखा जाता है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था।
- हस्त नक्षत्र के देवता कौन हैं?
- हस्त नक्षत्र के अधिष्ठाता सवितृ — सूर्य का एक रूप हैं।
- हस्त नक्षत्र किस राशि में आता है?
- कन्या में, 10° से 23°20′ तक — वही राशि जहाँ बुध उच्च होता है।
- हस्त नक्षत्र का प्रतीक क्या है?
- खुला हाथ। शास्त्र इसे कौशल, शिल्प और विचार को क्रिया में बदलने की क्षमता से जोड़ते हैं।
