उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी और देवता
उत्तर भाद्रपद
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र क्या है और उसकी विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी शनि है और देवता अहिर्बुध्न्य। यह सत्ताईस नक्षत्रों में 26वाँ है, जो मीन 3°20′–16°40′ तक फैला है। गहराई के सर्प का नक्षत्र — स्थिरता और संयम का। जन्म के समय चंद्रमा इस नक्षत्र में हो तो विंशोत्तरी दशा क्रम शनि से आरंभ होता है।
अहिर्बुध्न्य और गहराई
उत्तर भाद्रपद के देवता अहिर्बुध्न्य हैं, जिन्हें गहराई का सर्प कहा गया है, और प्रतीकों में जल में स्थित सर्प भी बताया गया है। शास्त्र इसे गहन स्थिरता से जोड़ते हैं — वह जो नीचे शांत रहकर सब सँभाले।
पूर्व भाद्रपद की तीव्रता के बाद यह नक्षत्र संयम और गहराई का है। जोड़ी की यही रचना फाल्गुनी और आषाढ़ा में भी दिखती है — पूर्व वाली सक्रिय, उत्तर वाली स्थिर।
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के नाम अक्षर
उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के चार पाद हैं और हर पाद का अपना नाम अक्षर है: पहला पाद (मीन) — दू; दूसरा पाद (मीन) — थ; तीसरा पाद (मीन) — झ; चौथा पाद (मीन) — ञ। परंपरा में बच्चे का नाम उसी अक्षर से शुरू किया जाता है जिस पाद में जन्म के समय चंद्रमा था।
इसलिए केवल "उत्तर भाद्रपद नक्षत्र" जान लेना काफ़ी नहीं — चारों अक्षर (दू, थ, झ, ञ) में से सही एक, पाद से ही तय होता है, और पाद हर 3°20′ पर बदल जाता है। ये अक्षर दृक पंचांग की नक्षत्र-पाद स्वर तालिका से लिए गए हैं।
शनि का स्वामित्व मीन राशि में
इसका विंशोत्तरी स्वामी शनि है और यह मीन राशि में पड़ता है, जिसका स्वामी गुरु है। शनि की गहराई और मीन की करुणा — टीकाओं में इसी मेल को इस नक्षत्र की विशेषता कहा गया है।
मीन वह राशि भी है जहाँ शुक्र उच्च होता है और जिसे मोक्ष से जोड़ा जाता है। शनि के नक्षत्र का यहाँ पड़ना शास्त्रीय टीकाओं में तप और समर्पण के मेल के रूप में पढ़ा जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- उत्तर भाद्रपद का स्वामी कौन है?
- शनि। इसमें चंद्रमा हो तो जीवन शनि की उन्नीस वर्ष की महादशा से आरंभ होता है।
- उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के नाम अक्षर क्या हैं?
- पहला पाद (मीन) — दू; दूसरा पाद (मीन) — थ; तीसरा पाद (मीन) — झ; चौथा पाद (मीन) — ञ। नाम उस पाद के अक्षर से रखा जाता है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था।
- उत्तर भाद्रपद का देवता कौन है?
- अहिर्बुध्न्य, जिन्हें गहराई का सर्प कहा गया है। प्रतीकों में जल में स्थित सर्प भी बताया गया है।
- उत्तर भाद्रपद किस राशि में आता है?
- मीन में, 3°20′ से 16°40′ तक। पूरा नक्षत्र एक ही राशि में पड़ता है।
