वैदिक ज्योतिष, सही गणना के साथ
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मुफ्त जन्म कुंडली में क्या-क्या मिलता है?
यहाँ मुफ्त जन्म कुंडली में आपको लग्न, चंद्र राशि के साथ नक्षत्र और पाद, इस समय चल रही विंशोत्तरी महादशा, साढ़े साती चल रही है या नहीं, कुंडली में मंगल दोष है या नहीं, और आपके इष्ट देव मिलते हैं — यह सब आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निरयण (लाहिरी) पद्धति पर गणना करके।
क्या मिलता है और किस आधार पर
आपका जन्म विवरण उसी खगोलीय इंजन पर जाता है जो सशुल्क रिपोर्ट बनाता है — स्विस एफेमेरिस की ग्रह स्थितियाँ, निरयण राशिचक्र और लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय ज्योतिष का मानक है। इन्हीं से निकलता है लग्न और उसकी राशि, चंद्रमा की राशि, नक्षत्र और पाद, आज चल रही महादशा और अंतर्दशा, साढ़े साती की स्थिति, मंगल दोष की जाँच, और आत्मकारक की नवांश स्थिति से निकाले गए इष्ट देव। यहाँ कुछ भी किसी मॉडल का लिखा हुआ नहीं है — हर मान गणना से आता है।
जन्म तिथि से ज़्यादा जन्म समय क्यों मायने रखता है
लग्न लगभग चौबीस घंटे में बारहों राशियों से गुज़र जाता है, यानी हर करीब दो घंटे में राशि बदल देता है। एक ही तारीख और एक ही शहर में चार घंटे के अंतर से जन्मे दो लोगों का लग्न आम तौर पर अलग होता है, और इसी कारण हर ग्रह का भाव भी बदल जाता है। चंद्रमा धीरे चलता है — करीब एक दिन में एक नक्षत्र — इसलिए समय का मोटा अंदाज़ा होने पर भी राशि और नक्षत्र भरोसेमंद रहते हैं, लग्न नहीं। समय ठीक से न पता हो तब भी गणना चलती है; बस वह लग्न के बजाय चंद्रमा पर टिक जाती है, और पेज यह साफ़ बता देता है।
मुफ्त कुंडली क्या नहीं करती
यह आपको कुंडली की मुख्य स्थितियाँ देती है, उनका फलादेश नहीं। यह बता देगी कि साढ़े साती चल रही है और कौन-सा चरण है; यह नहीं बताएगी कि आपकी कुंडली में उसका क्या अर्थ है, क्योंकि वह इस पर निर्भर करता है कि शनि जन्म कुंडली में कहाँ बैठा है, आपके लग्न से किन भावों का स्वामी है, और साथ में कौन-सी दशा चल रही है। यही बात मंगल दोष पर लागू होती है — वह है या नहीं यह बता दिया जाता है, पर उसे ठीक से पढ़ने के लिए पूरी कुंडली चाहिए।
सवाल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आपका सवाल यहाँ नहीं है? सीधे पूछ लीजिए — हर संदेश का जवाब हम खुद देते हैं।
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