पूर्व भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी और देवता
पूर्व भाद्रपद
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र क्या है और उसकी विशेषताएँ क्या हैं?
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी गुरु है और देवता अज एकपाद। यह सत्ताईस नक्षत्रों में 25वाँ है, जो कुंभ 20°00′–मीन 3°20′ तक फैला है। दो मुख वाले प्रतीक का नक्षत्र — तीव्रता और द्वैत का। जन्म के समय चंद्रमा इस नक्षत्र में हो तो विंशोत्तरी दशा क्रम गुरु से आरंभ होता है।
अज एकपाद और दो मुख का प्रतीक
पूर्व भाद्रपद के देवता अज एकपाद हैं — एक पैर वाला अज, एक प्राचीन और कम चर्चित देवता जिन्हें तप तथा अग्नि से जोड़ा जाता है। प्रतीकों में अर्थी के अगले पाए और दो मुख वाला पुरुष, दोनों बताए गए हैं।
शास्त्रीय टीकाओं में इसे तीव्रता और द्वैत से जोड़ा गया है — वह क्षमता जो एक साथ दो दिशाओं में देख सके। इसका विंशोत्तरी स्वामी गुरु है, जो इसमें दर्शन और अर्थ की खोज जोड़ता है।
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के नाम अक्षर
पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के चार पाद हैं और हर पाद का अपना नाम अक्षर है: पहला पाद (कुंभ) — से; दूसरा पाद (कुंभ) — सो; तीसरा पाद (कुंभ) — दा; चौथा पाद (मीन) — दी। परंपरा में बच्चे का नाम उसी अक्षर से शुरू किया जाता है जिस पाद में जन्म के समय चंद्रमा था।
इसलिए केवल "पूर्व भाद्रपद नक्षत्र" जान लेना काफ़ी नहीं — चारों अक्षर (से, सो, दा, दी) में से सही एक, पाद से ही तय होता है, और पाद हर 3°20′ पर बदल जाता है। ये अक्षर दृक पंचांग की नक्षत्र-पाद स्वर तालिका से लिए गए हैं।
कुंभ से मीन में संक्रमण
इस नक्षत्र के पहले तीन पाद कुंभ में और चौथा मीन में पड़ता है। कुंभ शनि की राशि है और मीन गुरु की — और इस नक्षत्र का स्वामी भी गुरु।
इसलिए इसका चौथा पाद विशेष माना जाता है: नक्षत्र का स्वामी उसी राशि में जिसका वह स्वामी है। यह वही विवरण है जो केवल नक्षत्र का नाम जानने से छूट जाता है और जिसके लिए पाद जानना ज़रूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पूर्व भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी कौन है?
- पूर्व भाद्रपद नक्षत्र का विंशोत्तरी स्वामी गुरु है। जन्म के समय चंद्रमा इसमें हो तो जीवन गुरु की महादशा से आरंभ होता है।
- पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के नाम अक्षर क्या हैं?
- पहला पाद (कुंभ) — से; दूसरा पाद (कुंभ) — सो; तीसरा पाद (कुंभ) — दा; चौथा पाद (मीन) — दी। नाम उस पाद के अक्षर से रखा जाता है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था।
- पूर्व भाद्रपद का देवता कौन है?
- अज एकपाद, एक प्राचीन देवता जिन्हें तप और अग्नि से जोड़ा जाता है। प्रतीकों में दो मुख वाला पुरुष भी बताया गया है।
- पूर्व भाद्रपद नक्षत्र किस राशि में आता है?
- पूर्व भाद्रपद नक्षत्र कुंभ 20°00′–मीन 3°20′ तक फैला है।
- पूर्व भाद्रपद किन राशियों में आता है?
- पहले तीन पाद कुंभ में और चौथा पाद मीन में — वही राशि जिसका स्वामी गुरु है, और गुरु ही इस नक्षत्र का स्वामी भी है।
- पूर्व और उत्तर भाद्रपद में क्या अंतर है?
- स्वामी अलग हैं — पूर्व का गुरु, उत्तर का शनि। गण भी दोनों का मनुष्य है पर नाड़ी अलग: पूर्व की आदि, उत्तर की मध्य।
