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आज का राशिफल
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026
आज ग्रह वास्तव में कहाँ हैं, हर राशि के हिसाब से निकाला हुआ। यहाँ कुछ भी हाथ से या किसी मॉडल से लिखा हुआ नहीं है — यह दिन की गोचर स्थिति है, और शास्त्र उसके बारे में क्या कहते हैं।
अपनी चंद्र राशि चुनिए
मेष
आज चंद्रमा
नौवें भाव, आपकी राशि से
यात्राएँ भारी लगेंगी और प्रयास में रुकावट आएगी।
चंद्रमा राशि बदलेगा 18 Oct, 8:25 pm
शनि
बारहवें भाव, आपकी राशि से
साढ़े साती — पहला चरण। शनि आपकी राशि से बारहवें भाव में है।
गुरु
चौथे भाव, आपकी राशि से
आपकी राशि से गिनने पर, घर और मानसिक सुख के लिहाज़ से, गुरु की यह स्थिति शास्त्रों में विशेष शुभ नहीं मानी गई है।
आज का राशिफल किस आधार पर बनता है?
यह राशिफल गणना से बनता है, लिखा हुआ नहीं है। हर राशि के लिए देखा जाता है कि आज ग्रह वास्तव में कहाँ हैं — चंद्रमा किस राशि में है, और शनि, गुरु, राहु व केतु उस राशि के सापेक्ष कहाँ गोचर कर रहे हैं — और फिर शास्त्रीय गोचर नियम उन स्थितियों पर क्या कहते हैं, वही बताया जाता है।
सूर्य राशि नहीं, चंद्र राशि से पढ़िए
वैदिक ज्योतिष में 'राशि' का अर्थ है जन्म के समय चंद्रमा की राशि। अख़बार और ऐप वाले राशिफल लगभग हमेशा सूर्य राशि से चलते हैं, और वह भी सायन पद्धति से — इसीलिए बहुत से लोग बरसों से ग़लत कॉलम पढ़ते रह जाते हैं। दोनों पद्धतियों में करीब 24 अंश का अंतर है, इसलिए आपकी निरयण सूर्य राशि आम तौर पर पिछली वाली निकलती है, और चंद्र राशि तो एक बिलकुल अलग स्थिति है। अपनी राशि न पता हो तो राशि कैलकुलेटर जन्म विवरण से निकाल देगा।
बारह हिस्सों वाला राशिफल कितना बता सकता है
दैनिक राशिफल पूरी दुनिया को बारह हिस्सों में बाँट देता है। यह एक असली सीमा है और इसे साफ़ कहना ज़रूरी है: यह बता सकता है कि धीमे ग्रह आज किसी राशि के सापेक्ष कहाँ खड़े हैं — यह वास्तविक ज्योतिषीय जानकारी है — पर यह आपका लग्न नहीं जानता, आपकी दशा नहीं जानता, और यह भी नहीं कि वह गोचर आपकी कुंडली के किस भाव को छू रहा है। वही शनि गोचर किसी के दशम भाव में पड़ेगा और किसी के चतुर्थ में। इसे मौसम की तरह लीजिए, अपनी यात्रा के पूर्वानुमान की तरह नहीं।
धीमे ग्रह ही असल में मायने रखते हैं
चंद्रमा सवा दो दिन में राशि बदल देता है, इसलिए उसका गोचर रोज़ की बात है। दौर तय करने वाले ग्रह धीमे हैं — शनि एक राशि पार करने में करीब ढाई साल लेता है, गुरु करीब एक साल, और राहु-केतु करीब डेढ़ साल। साढ़े साती, ढैय्या और गुरु के शुभ-अशुभ काल सब इन्हीं से निकलते हैं। इसीलिए यह पेज सिर्फ़ चंद्रमा की नहीं, इन सबकी स्थिति बताता है।
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