श्रवण नक्षत्र का स्वामी कौन है? देवता और विशेषताएँ
श्रवण
श्रवण नक्षत्र क्या है और उसकी विशेषताएँ क्या हैं?
श्रवण नक्षत्र का स्वामी चंद्र है और देवता विष्णु। यह सत्ताईस नक्षत्रों में 22वाँ है, जो मकर 10°00′–23°20′ तक फैला है। सुनने का नक्षत्र — जिसका प्रतीक कान है और देवता विष्णु। जन्म के समय चंद्रमा इस नक्षत्र में हो तो विंशोत्तरी दशा क्रम चंद्र से आरंभ होता है।
सुनने से मिलने वाला ज्ञान
श्रवण का अर्थ ही सुनना है और उसका प्रतीक कान। देवता विष्णु हैं, और दूसरा प्रतीक तीन पदचिह्न बताया गया है, जो वामन अवतार की कथा से जुड़ा है।
शास्त्र इस नक्षत्र को श्रुति परंपरा से जोड़ते हैं — वह ज्ञान जो सुनकर मिलता है, पढ़कर नहीं। इसीलिए इसे अध्ययन, शिक्षण और परंपरा को आगे बढ़ाने से जोड़ा जाता है।
श्रवण नक्षत्र के नाम अक्षर
श्रवण नक्षत्र के चार पाद हैं और हर पाद का अपना नाम अक्षर है: पहला पाद (मकर) — खी; दूसरा पाद (मकर) — खू; तीसरा पाद (मकर) — खे; चौथा पाद (मकर) — खो। परंपरा में बच्चे का नाम उसी अक्षर से शुरू किया जाता है जिस पाद में जन्म के समय चंद्रमा था।
इसलिए केवल "श्रवण नक्षत्र" जान लेना काफ़ी नहीं — चारों अक्षर (खी, खू, खे, खो) में से सही एक, पाद से ही तय होता है, और पाद हर 3°20′ पर बदल जाता है। ये अक्षर दृक पंचांग की नक्षत्र-पाद स्वर तालिका से लिए गए हैं। इस नक्षत्र के कुछ पादों के अक्षर पर स्रोतों में मतभेद है, इसलिए नाम रखने से पहले किसी जानकार से पुष्टि कर लेना ठीक रहेगा।
मकर में चंद्रमा का नक्षत्र
श्रवण मकर राशि में पड़ता है, जो शनि की राशि है, पर उसका विंशोत्तरी स्वामी चंद्रमा है। यह विरोधाभास नहीं — यह उस मूल नियम का उदाहरण है कि नक्षत्र का दशा स्वामी राशि से स्वतंत्र होता है।
मकर की व्यावहारिकता और चंद्रमा की ग्रहणशीलता — शास्त्रीय टीकाओं में इसी मेल को श्रवण की विशेषता कहा गया है: सुनकर सीखना और उसे व्यवहार में उतारना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- श्रवण नक्षत्र का स्वामी कौन है?
- चंद्रमा — जबकि वह मकर राशि में पड़ता है, जिसका स्वामी शनि है। नक्षत्र का दशा स्वामी राशि से स्वतंत्र होता है।
- श्रवण नक्षत्र के नाम अक्षर क्या हैं?
- पहला पाद (मकर) — खी; दूसरा पाद (मकर) — खू; तीसरा पाद (मकर) — खे; चौथा पाद (मकर) — खो। नाम उस पाद के अक्षर से रखा जाता है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था।
- श्रवण नक्षत्र के देवता कौन हैं?
- श्रवण नक्षत्र के अधिष्ठाता विष्णु — पालनकर्ता हैं।
- श्रवण नक्षत्र किस राशि में आता है?
- मकर में, 10° से 23°20′ तक। पूरा नक्षत्र एक ही राशि में पड़ता है।
- श्रवण नक्षत्र का प्रतीक क्या है?
- कान, और दूसरा प्रतीक तीन पदचिह्न। देवता विष्णु हैं और नाम का अर्थ सुनना।
